25 दिसंबर को विद्यालय में सुशासन दिवस मनाया गया
सुशासन समाचार : सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर विद्यालय में अटल बिहारी वाजपेई को किया गया स्मरण
राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय गढ़बसई थानागाजी (अलवर) में राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सुशासन दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं समस्त स्टाफ द्वारा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, पारदर्शी प्रशासन एवं सुशासन की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को सुशासन के महत्व, नागरिक कर्तव्यों तथा शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भाषण एवं विचार प्रस्तुत कर सुशासन की अवधारणा को सरल शब्दों में समझाया। अंत में सभी ने सुशासन के मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।
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राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्यालय में सुशासन दिवस का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया। इस अवसर पर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रख्यात राजनेता एवं कुशल प्रशासक भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सुशासन की अवधारणा से परिचित कराना तथा अटल बिहारी वाजपेई के आदर्शों से प्रेरणा लेना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई, जिसके पश्चात विद्यालय के प्रधानाचार्य ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं स्टाफ को सुशासन दिवस के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुशासन का अर्थ केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता, जवाबदेही, जनकल्याण और नैतिक मूल्यों पर आधारित शासन प्रणाली को दर्शाता है। प्रधानाचार्य ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई ऐसे नेता थे, जिन्होंने अपने आचरण और कार्यशैली से सुशासन की सच्ची मिसाल प्रस्तुत की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे एक महान कवि, ओजस्वी वक्ता और दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। चाहे पोखरण परमाणु परीक्षण हो, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना हो या पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंधों की पहल—हर क्षेत्र में उनके निर्णय सुशासन के प्रतीक रहे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा भाषण प्रस्तुत किए गए, जिनमें अटल बिहारी वाजपेई के विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सरल भाषा में समझाया गया। कुछ विद्यार्थियों ने सुशासन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अच्छा शासन तभी संभव है जब नागरिक भी अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक हों। विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेई का जीवन ईमानदारी, सरलता और समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं और एक जिम्मेदार नागरिक बनें। सुशासन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से ही यह साकार हो सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने सुशासन के मूल्यों को अपनाने, सत्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने तथा देश के विकास में सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लिया। सुशासन दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा और उन्हें अटल बिहारी वाजपेई जैसे महान नेता के विचारों से सीखने का अवसर प्रदान किया।





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